Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
डायबिटीज का काल है नीम और गिलोय का ये रस, पीने से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल हो जाता है कंटà¥à¤°à¥‹à¤²
डायबिटीज के मरीज को नियमित रूप से नीम-गिलोय का रस पीना चाहिà¤à¥¤ इससे न केवल बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल नियंतà¥à¤°à¤£ में रहता है, बलà¥à¤•ि दिल और सांस से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है।
Â
कोरोना महामारी में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचने के हर मà¥à¤®à¤•िन उपाय कर रहा है। मà¥à¤¶à¥à¤•िल उन लोगों को आ रही है, जो गंà¤à¥€à¤° बीमारियों से पहले से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं। जैसे डायबिटीज। डायबिटीज के मरीज के लिठकोरोना से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई à¤à¥€ दवा या घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ा खतरा पैदा कर सकता है। लेकिन इमà¥à¤¯à¥‚निटी को बहेतर बनाना और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को ठीक रखना à¤à¥€ जरूरी है। à¤à¤¸à¥‡ में नीम और गिलोय का जूस उनके लिठरामबाण इलाज है।
डायबिटीज à¤à¤• लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिजीज है, जिसने कई लोगों को बà¥à¤°à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है। WHO के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में हर साल 1.6 मिलियन मौतें मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से होती हैं। संगठन ने यह à¤à¥€ दावा किया है कि वरà¥à¤· 2030 तक डायबिटीज विशà¥à¤µà¤à¤° में सबसे बड़ी मौतों की सांतवी सबसे बड़ी वजह होगी। à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार और जीवनशैली अपनाकर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को आसानी से पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है।
​इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का काम करेगा नीम की पतà¥à¤¤à¥€ का पाउडर
à¤à¤¥à¤¨à¥‹-मेडिसिन ( Ethno-Medicine) पर जरà¥à¤¨à¤² सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€à¤œ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, नीम का पाउडर इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ न लेने वाले मरीज के डायबिटीज लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठफायदेमंद साबित हà¥à¤† है।
मतलब ये है कि डायबिटीज के मरीज इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ की जगह नीम की पतà¥à¤¤à¥€ के पाउडर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की मानें, तो कोई à¤à¥€ नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को आसानी से चबा सकता है। लेकिन इसे खाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर ले लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इसे खाने से हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ेमिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है।
घर में है अगर कोई Type-2 diabetes का रोगी, तो फॉलो करवाà¤à¤‚ ये डाइट पà¥â€à¤²à¤¾à¤¨; कंटà¥à¤°à¥‹à¤² रहेगा बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र
नीम-गिलोय का जूस नेचà¥à¤°à¤² इमà¥à¤¯à¥‚निटी बूसà¥à¤Ÿà¤°-
विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की मानें तो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के मरीजों को नीम और गिलोय के जूस का सेवन नियमित रूप से करना चाहिà¤à¥¤ यह à¤à¤• नेचà¥à¤°à¤² इमà¥à¤¯à¥‚निटी बूसà¥à¤Ÿà¤° है। इसे लेने के बाद आपको अनà¥à¤¯ किसी इमà¥à¤¯à¥‚निटी डà¥à¤°à¤¿à¤‚क की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह रस कमजोर लीवर और सांस की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहे लोगों के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होने की वजह से शरीर से विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बाहर निकालने में यह बहà¥à¤¤ मदद करता है। जहां नीम में लीवर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने के गà¥à¤£ हैं, वहीं गिलोय का उपयोग लीवर डिसीज, मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और दिल से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारियों के लिठकिया जाता है।
इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के लिठन करें गिलोय का अंधाधà¥à¤‚ध सेवन, नहीं तो होंगे ये side effects
​संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचा सकता है नीम-
नीम à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ जड़ी-बूटी है, जो डायबिटीज सहित कई सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ठीक करने के लिठजानी जाती है। नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में मौजूद टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤°à¤ªà¥‡à¤¨à¥‰à¤‡à¤¡, à¤à¤‚टी वायरल यौगिकों, फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‡à¤¨à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ और गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोसाइडà¥à¤¸ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को कम करने में मदद करते हैं। इसके सेवन से आपका गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤£ में रहता है और मरीज वायरस के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से à¤à¥€ बचा रह सकता है।
​गिलोय बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल करे कंटà¥à¤°à¥‹à¤²-
कोरोना महामारी के बाद से अधिकांश सà¤à¥€ गिलोय जैसी आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• जड़ी बूटी के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से परीचित हैं। इसे "अमरता की जड़" के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के डॉकà¥à¤Ÿà¤° मनोज. के. आहूजा कहते हैं कि गिलोय का रस पीने से हाई बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल सही बना रहता है।
नीम-गिलोय का जूस बनाने की विधि
10-15- नीम के पतà¥à¤¤à¥‡
1 बड़ा चमà¥à¤®à¤š- सूख गिलोय पाउडर
आधा इंच - अदरक कदà¥à¤¦à¥‚कस किया हà¥à¤†
10- पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ के पतà¥à¤¤à¥‡
2 चमà¥à¤®à¤š- नमक
1 चमà¥à¤®à¤š- काली मिरà¥à¤š
जूस बनाने का तरीका-
सबसे पहले नीम को धोकर उबाल लें।
इसके बाद सà¤à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ के साथ नीम और गिलोय पाउडर को बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर लें।
तब तक बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड करें, जब तक की यह सà¥à¤®à¥‚द न हो जाà¤à¥¤ अब आप इस मिशà¥à¤°à¤£ को छान लें और पी जाà¤à¤‚। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में बनाते हैं, तो कम से कम à¤à¤• महीने तक à¤à¤• बोतल में आप इसे फà¥à¤°à¤¿à¤œ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करके रख सकते हैं।
डायबिटीज को पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करना इतना आसान नहीं है, लेकिन नीम-गिलोय जूस जैसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤•à¥à¤¸ को रोका जा सकता है। à¤à¤²à¥‡ ही यह जड़ी-बूटी कई गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं, लेकिन किसी à¤à¥€ डायबिटीज मरीज को इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले लेनी चाहिà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |